Closeness to living creatures irrespective of the specie, attracts me and one such time came during the year 2011 where I tried to study the secret life of Yellow Footed Green Pigeon in our own surroundings.

While observing them for a period of about 4 months I observed certain activities such as nesting, courtship, mating and threat from other species of birds during breeding season.

The eyes of this specie attracted me the most as it appeared to be deep as a SEA and remind me of a song from the Hindi Movie MURDER given below.

कहो ना कहो
ये आँखें बोलती हैं
ओ सनम, ओ सनम, ओ मेरे सनम
मोहब्बत के सफ़र में ये सहारा है
वफ़ा के साहिलों का ये किनारा है
कहो न कहो…
बादलों से ऊँची उड़ान उनकी
सबसे अलग पहचान उनकी
उनसे है प्यार की कहानी मंसूब
आती जाती साँसों की रवानी मंसूब

कहो ना कहो
ये आँखें बोलती हैं
ओ सनम, ओ सनम, ओ मेरे सनम
मोहब्बत के सफ़र में तू हमारा है
अँधेरे रास्तों का तू सितारा है
तू ही जीने का सहारा है
मेरी मौजों का किनारा है
मेरे लिए ये जहां है तू
तुझे मेरे दिल ने पुकारा है

कहो ना कहो
ये साँसें बोलती हैं
ओ सनम, ओ सनम, ओ मेरे सनम
लबों पे नाम तेरे बस हमारा है
ये तेरा दिल भी जाना अब हमारा है
ख्वाबों में तुझको संवारा है
जज़्बों में अपने उतारा है
मेरी ये आँखें जिधर देखें
तेरा ही तेरा नज़ारा है

Image from my own colony Surya Nagar, where I used to live earlier (Ghaziabad ) on the outskirts of Delhi taken in May 2011.

About Vinod Goel

He joined Customs & Central Excise service in 1982. As a civil servant, his job takes him to various parts of India, which gave him an opportunity to capture our wild heritage, through his camera. His passion for wildlife photography started in 2004 when he was posted at Raipur (Chhattisgarh) and this passion continues till today.